विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय Vitamin B12

विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय 

विटामिन बी12, जिसे vitamin B भी कहा जाता है, एक पानी में घुलनशील (water-solvent) विटामिन होता है। यह विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स के आठ विटामिनों में से एक है। आजकल की व्यस्त और अनियमित जीवनशैली के कारण, विटामिन बी12 की कमी होना काफी आम बात हो गई है। 
विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय Vitamin B12

विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय Vitamin B12

विटामिन बी12 हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी होता है? 

विटामिन बी12, हमारे शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले रेड ब्लड सेल्स (RBC) के लिए काफी महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है। साथ ही, यह तंत्रिका ऊतकों (nerve tissues) के स्वास्थ्य और उचित कामकाज के लिए भी जरूरी होता है, क्यूंकि यह तंत्रिकयों को कवर करने वाले और तंत्रिका आवेगों (nerve motivations) को आगे बढ़ाने वाले सुरक्षात्मक माइलिन आवरण (defensive fat sheath) के प्रोडक्शन में मदद करता है। 

यह सेल्स के मेटाबोलिज्म में फोलेट (folate) के साथ काम करता है, खासतौर से डीएनए संश्लेषण (DNA union), फैटी एसिड मेटाबोलिज्म और एमिनो एसिड मेटाबोलिज्म में। 
विटामिन बी12, हमारे शरीर में फोलिक एसिड के अवशोषण में भी मदद करता है। फोलिक एसिड एनर्जी प्रोडक्शन के लिए जरूरी होती है। 

चूंकि हमारा शरीर विटामिन बी12 नहीं बनाता, इसलिए नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के जरिये या सप्लीमेंट्स के जरिये इसे लेना जरूरी होता है। हमेशा कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें। 

आपको रोज कितना विटामिन बी12 लेने की जरूरत है? 

उम्र                  महिला          पुरुष 
0-6 महीने       0.4 mcg    0.4 mcg 
7-12 महीने    0.5 mcg     0.5 mcg 
1-3 साल        0.9 mcg    0.9 mcg 
4-8 साल       1.2 mcg    1.2 mcg 
9-13 साल     1.8 mcg    1.8 mcg 
14+ साल      2.4 mcg     2.4 mcg


इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के लिए रोज two.६ microgram और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए रोज two.8 microgram विटामिन बी12 की जरूरत होती है। यहां पर mcg का मतलब माइक्रोग्राम है। one मिलीग्राम one thousand माइक्रोग्राम के बराबर होता है। 


विटामिन बी12 की कमी होने के कारण ?

इस महत्वपूर्ण विटामिन की कमी होने का सबसे बड़ा कारण होता है भोजन, जिसमें विटामिन बी12 की कमी। शाकाहारी लोगों में इस विटामिन की कमी होने की सम्भावना और ज्यादा बड़ जाती है, क्यूंकि यह ज्यादातर जानवरों के मांस में पाया जाता है। 

विटामिन बी12 की कमी होने का एक और कारण है शरीर में खून की कमी (एनीमिया) होना। इसमें कारण पेट में विटामिन बी12 सोखने वाले प्रोटीन नष्ट हो जाते हैं, जिससे शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो जाती है। 

किसको विटामिन बी12 की कमी होने की सम्भावना सबसे ज्यादा होती है? 

-50 साल से ज्यादा उम्र के लोग। 

-जो लोग शाकाहारी हैं। 

-वो बच्चे जो दूध पीकर पलते हैं और जिनकी माँ शाकाहारी होती है। 

-कोई ऐसी बीमारी होना जो पाचन पर बुरा असर डालती हो। 

-वो लोग जिनकी जठरांत्र (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) सर्जरी हुई हो। 

-कुपोषण से पीड़ित लोग। 

-जो लोग लम्बे समय से अत्यधिक शराब का सेवन करते आ रहे हों। 

यहां पर विटामिन बी12 की कमी होने के 10 सबसे मुख्य लक्षण दिए जा रहे हैं 

1. थकान और ऊर्जा की कमी होना (Fatigue and Low Energy) 

यह विटामिन हमारे शरीर के एनर्जी मेटाबोलिज्म में काफी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी कमी होने पर शरीर में ऊर्जा और थकान होने लगती है। 

विटामिन बी12, हमारे शरीर की नए सेल्स के लिए डीएनए (DNA) बनाने की क्षमता को बढ़ाता है। यह रेड ब्लड सेल्स को बनाने में भी जरूरी होता है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन को ले जाते हैं। इसकी कमी होने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जिससे थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। 

2. सुन्न और झुनझुनी महसूस होना (Numbness and Tingling Sensations) 

हमारे तंत्रिका तंत्र (sensory system) को हेल्थी बनाये रखने के लिए विटामिन बी12 काफी जरूरी होता है। इसलिए कुछ न्यूरोलॉजिकल सिग्नल जैसे हाथ पैरों में सुन्नता और झुनझुनी होना, विटामिन बी12 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। 

विटामिन बी12, तंत्रिकाओं के निर्माण में मदद करता है और साथ ही शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन पहुँचाने के लिए जरूरी होता है। शरीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति न होने पर भी हाथ पैरों में सुन्नता और झुनझुनी महसूस हो सकती है। 

इसकी कमी होने पर हमारे शरीर का बैलेंस भी बिगड़ सकता है और चक्कर आ सकते हैं। 

3. लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure) 

शरीर में विटामिन बी12 और फोलिक एसिड की कमी होने पर एनीमिया हो सकता है, जिससे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) कम होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। 

विटामिन बी12, हमारे शरीर की रेड ब्लड सेल्स बनाने की प्रक्रिया में मदद करता है। रेड ब्लड सेल्स हमारे हार्ट और अन्य अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करते हैं। 
2012 में हुई एक स्टडी के अनुसार, ज्यादातर हृदय रोग विशेषज्ञ लो ब्लड प्रेशर के मरीजों में विटामिन बी12 के लेवल को नजरंदाज कर देते हैं। चूंकि इस विटामिन की कमी के कारण भी लो ब्लड प्रेशर हो सकता है, इसलिए जब भी आपका ब्लड प्रेशर लो हो तो विटामिन बी12 के लेवल की भी जांच करायें।

4. त्वचा में छोटे-छोटे घाव होना या हाइपरपिगमेंटेशन होना
विटामिन बी12 की कमी के कारण स्किन में छोटे-छोटे घाव (Lesions) या पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है। 2008 में कैनेडियन फैमिली फिजिशियन्स में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने स्किन में बिना किसी कारण घाव या पिगमेंटेशन हो सकता है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

5. डिप्रेशन (Depression)
विटामिन बी12 दिमाग के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है। यह रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन में मदद करता है जो नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करते हैं।

साथ ही, यह होमोसिस्टीन (homocysteine) नामक मेटाबोलिज्म प्रोटीन को कम करने में मदद करता है। शरीर में होमोसिस्टीन का लेवल हाई होने पर डिप्रेशन बढ़ सकता है। इसी कारण डिप्रेशन होने पर शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो सकती है, खासतौर पर बुजुर्गों में।

2013 में ओपन न्यूरोलॉजी जर्नल में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार डिप्रेशन के मरीजों का विटामिन बी12 के सप्लीमेंट से उपचार करने पर उनकी स्थिति में काफी हद तक सुधार आया है।

विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय Vitamin B12

6. याददाश्त और संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट आना
विटामिन बी12 का लेवल लो होने के कारण दिमाग की याददाश्त और संज्ञानात्मक क्षमता में कमी आ सकती है। विटामिन बी12 ब्रेन सेल्स में नए कनेक्शन बनाने में मदद करता है जिससे याददाश्त बनने में मदद मिलती है।

साथ ही, यह माइलिन में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण घटक होता है। माइलिन, ब्रेन सेल्स में पाई जाने वाली कोटिंग होती है जो उन्हें प्रोटेक्ट करती है। इसीलिए, विटामिन बी12 की कमी होने के कारण सीरियस नर्व डैमेज हो सकती हैं और ब्रेन का कामकाज बिगड़ सकता है।

2011 में पब्लिश हुई एक न्यूरोलॉजी रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों के रक्त में विटामिन बी12 की कमी होती है, उनके दिमाग का आयतन (वॉल्यूम) कम हो सकता है और उनके सोचने की क्षमता में परेशानियां हो सकती हैं।

7. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)
हमारी थाइरोइड ग्लैंड को उचित मात्रा में हॉर्मोन बनाने के लिए कई जरूरी पोषक पदार्थों की जरूरत होती है। विटामिन बी12, इन पोषक पदार्थों में से एक है।

2008 में पब्लिश हुई एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में विटामिन बी12 की कमी होना काफी आम बात है।

8. बांझपन (Infertility)
विटामिन बी12 की कमी होने पर पुरुष और महिला, दोनों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।

2001, में जर्नल ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन बी12 की कमी होने पर प्रजनन क्षमता में कमी आती है और महिलाओं में बार-बार गर्भपात होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इस स्टडी में यह बताया गया कि विटामिन बी12 की कमी की शुरुआती स्टेज में रक्त में होमोसिस्टीन (homocysteine) का लेवल बढ़ जाता है, जिससे रक्त की जमने की क्षमता (coagulation ability) कम होने लगती है और भ्रूण को नुकसान पहुंचने लगता है।

इस विटामिन की कमी के कारण गर्भ धारण करने में परेशानियां होती हैं और यदि गर्भ धारण हो भी जाये तो बेबी को पूरे nine महीने तक गर्भ में पालना मुश्किल होता है।

इसलिए यदि आपको गर्भधारण करने में नाकामी हाशिल हो रही है तो डॉक्टर से विटामिन बी12 की कमी की जांच जरूर करायें। पुरुष और महिला, दोनों ही इसकी जांच करायें क्यूंकि पुरुषों में भी इस विटामिन की कमी होने पर गर्भधारण में मुश्किल हो सकती है।
विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय Vitamin B12

विटामिन बी12 की कमी को दूर करने के उपाय :---
यदि ऊपर दिए गए लक्षणों के आधार पर आपको लगता है कि विटामिन बी12 की कमी हो सकती है तो पहले डॉक्टर से इसकी उचित जांच करायें। फिर, इस विटामिन की कमी को दूर करने के लिए निम्न उपायों को अपनाएं –

विटामिन बी12 से युक्त खाद्य पदार्थ जैसे मछली (फिश), मांस (खासतौर से लिवर), अंडा, दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
जो लोग शाकाहारी हैं वो अनाज, सोयाबीन से बने खाद्य और ख़मीर (yeast) का सेवन करके विटामिन बी12 की कमी को दूर कर सकते हैं। यदि आपमें इस विटामिन की कमी अत्यधिक है तो नियमित इसका टेस्ट कराते रहें।
जो लोग डायबिटीज की दवायों या अन्य एसिड युक्त दवायों का सेवन करते हैं, वो नियमित रूप से अपने विटामिन बी12 के लेवल की जांच कराते रहें। क्यूंकि यह दवाएं विटामिन बी12 के नार्मल लेवल पर बुरा असर दाल सकती हैं।
आप विटामिन बी12 की टेबलेट्स या इंजेक्शन भी ले सकते हैं। इनके उचित डोज जानने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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